➡️ केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने नाबार्ड के कार्यक्रम मे कहा कि सहकारिता का आदर्श राज्य बनेगा छत्तीसगढ़
रायपुर – आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने रायपुर में नाबार्ड द्वारा आयोजित सहकारिता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता मॉडल ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में समावेशी विकास का सबसे प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है। राज्य मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं की मज़बूती देश की आर्थिक प्रगति और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता के लिए अत्यंत आवश्यक है। सम्मेलन का उद्देश्य सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण, डिजिटलीकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन को गति देना था। इस अवसर पर राज्य के सहकारी क्षेत्र, कृषि विश्वविद्यालयों, वित्तीय संस्थानों तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

श्री साहू ने कहा— “सहकारिता केवल आर्थिक तंत्र नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता और सामूहिक विकास की आत्मा है। पंचायत स्तर से लेकर शहरी स्थानीय निकायों तक सहकारी संस्थाओं की सक्रिय मौजूदगी से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित होती हैं।
उन्होंने नाबार्ड द्वारा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल रूप से सशक्त सहकारी समितियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाती हैं।

मुख्य उपलब्धियां और पहलें:
छत्तीसगढ़ की 2058 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियाँ डिजिटल रूप से लाइव हो चुकी हैं। राज्य में 515 नई प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों का गठन किया गया।
सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रेन स्टोरेज योजना लागू की जा रही है, जो छोटे किसानों के उपज भंडारण को सुरक्षित बनाती है।

नाबार्ड समर्थित महिला स्व-सहायता समूह (स्वयं सहायता समूह) आंदोलन ने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया। सहकारी समितियाँ अब बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में कृषि सेवाएँ, डिजिटल सेवाएँ, सीएससी सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं।

आजीविका आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन
सम्मेलन के उपरांत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नाबार्ड द्वारा आयोजित आजीविका एवं नवाचार प्रदर्शनी का भ्रमण किया। प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, कृषि, ग्रामीण विकास और डिजिटल सेवाओं से जुड़े नवीन मॉडल प्रस्तुत किए गए। श्री साहू ने कहा कि ऐसे मंच न केवल ग्रामीण आजीविका मॉडल को सुदृढ़ करते हैं बल्कि शहरी क्षेत्रों के लिए भी समुदाय-आधारित विकास के नए मार्ग खोलते हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि सहकारी संस्थाएँ ग्रामीण एवं शहरी विकास के समानाधिकार, सहभागिता और सतत प्रगति के मॉडल को और अधिक मजबूत बनाएँगी। उन्होंने सभी संस्थाओं से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य सहकारिता को समृद्धि का प्रमुख आधार बनाना है।

सम्मेलन में प्रमुख रूप से डॉ. ज्ञानेंद्र मणि, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कुलदीप शर्मा, पंजीयक, सहकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कृषि उत्पादन संगठन, कृषि उद्यमी उपस्थित रहे।
