बिलापसुर – आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर के सांसद तोखन साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के पास स्थित कोपरा जलाशय को आज अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में रामसर साइट का दर्जा प्रदान किया गया है। यह बिलासपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि का क्षण है, क्योंकि कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बना है।

श्री साहू ने कहा कि कोपरा जलाशय को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलना हमारे क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता, जल संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और जलवायु सुरक्षा के प्रति किए जा रहे निरंतर प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रमाण है। इससे स्थानीय समुदायों को सतत आजीविका, इको-टूरिज्म, प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इस घोषणा के साथ भारत में रामसर साइट्स की संख्या बढ़कर 96 हो गई है, जबकि वर्ष 2014 में यह संख्या केवल 26 थी। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण और अमृत धरोहरों के संवर्धन हेतु भारत सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने बताया कि कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा दिलाने के लिए वे स्वयं लगातार प्रयासरत रहे, और उनकी मांग पर ही यह महत्वपूर्ण निर्णय हुआ। आज बिलासपुर क्षेत्र को यह वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है, जो स्थानीय जनता और पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

श्री साहू ने बिलासपुर संसदीय क्षेत्र और आसपास के सभी नागरिकों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलना पूरे क्षेत्र की प्राकृतिक समृद्धि और पर्यावरणीय महत्व का वैश्विक स्वीकार है।
साथ ही, उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय हेतु माननीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव का हार्दिक आभार व्यक्त किया। श्री साहू ने कहा कि श्री यादव द्वारा प्रदान किए गए सहयोग और मार्गदर्शन के फलस्वरूप यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है।
