बिलापसुर – वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ग्रामीण सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मंत्रालय द्वारा कुल 774 सड़कों (कुल लंबाई 2426.87 किलोमीटर) के निर्माण एवं संधारण हेतु ₹2341.01 करोड़ (निर्माण राशि ₹2225.44 करोड़ एवं संधारण राशि ₹115.57 करोड़) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस स्वीकृति के अंतर्गत, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, मुंगेली एवं गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही जिलों के विभिन्न विकासखंडों में सड़क निर्माण कार्यों हेतु उल्लेखनीय राशि स्वीकृत की गई है।
स्वीकृत राशि के अंतर्गत जिला बिलासपुर में सड़क निर्माण कार्यों के लिए विभिन्न विकासखंडों को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। बिल्हा विकासखंड को ₹21.55 करोड़, कोटा विकासखंड को ₹37.37 करोड़, मस्तुरी विकासखंड को ₹16.26 करोड़ तथा तखतपुर विकासखंड को ₹5.39 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
जिला मुंगेली में सड़क निर्माण कार्यों हेतु कुल ₹5.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें लोरमी विकासखंड को ₹3.91 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति शामिल है।
इसी प्रकार गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही जिले में भी सड़क निर्माण कार्यों के लिए व्यापक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत गौरेला को ₹6.39 करोड़, मरवाही को ₹14.95 करोड़ तथा पेण्ड्रा को ₹3.40 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि ग्रामीण सड़कों का विकास केवल संपर्क का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के अवसरों को सशक्त करने की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने हेतु सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।
श्री साहू ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सड़क परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, आवागमन सुगम होगा तथा ग्रामीण जनजीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
